वन्देमातरम
मेरे भारत देश के सम्मानित नागरिको , आज मोबाइल फ़ोन का इस्तमाल पुरे विश्ब में फैल रहा है । लेकिन आपसोचेगे में ये बात क्यों कर रहा हु , क्योकी इस का सीधा सम्बन्ध हमारे देश में बढ़ते हुए अपराध एवं आंतकवादीघटनाओ से जुड़ा हुआ है ।
प्रीपेड कंपनियों द्वारा कनेक्शन चालू करने से पहले इस्तमाल करने वाले के कागजातों एवम पते की पूरण रूप सेकंपनियों के कर्मचारी द्वारा जाँच किये एवम सत्यापित किये ही अधिकारियो द्वारा कनेक्शन को चालू कर दियाजाता है ।
यह कंपनी के कार्य करने का तरीका सही है क्या ?
हम जानना चाहते हे देश ओर समाज में पल रहे ऐसे अग्यात आतंकियों के द्वारा जब किसी घटना को अंजाम दियाजाता है । तो ऐसे आतंकियों द्वारा जमा कागजात व् पता सही हो सकता है क्या ?
हम सभी जानते हे जबाब नहीं में होगा ।
अगर जमा कागजात ,पता सही नहीं था । तो कनेक्शन कंपनी द्वारा क्यों चालू किया गया ? इस का जबाब किसी केपास नहीं है।
सम्बंधित कंपनिया अपनी इस प्रकार की कार्य शैली हमारे देश ,समाज एवं मुख्यबिक्रेता,सहबिक्रेता,बिक्रेता कोकब तक बलि का बकरा बनाती रहेगी?
कंपनिया अपनी जबाब्देहियो से खुद को बचाती रहेगी।
हम भारत सरकार के द्वारा गठित समितियों द्वारा इन कपनियों के लाइसेंस की छुट पर सिकंजा कसना चाहिए।जिस से देस के अन्दर गलत नाम पते से चल रहे प्रीपेड कनेक्शन को जल्द से जल्द सत्यापन के उपरांत बंद कियाजाना चाहिए।
हम देश व् समाज के हित में प्रीपेड कनेक्शन कंपनियों द्वारा कनेक्शन उपभोगता का सत्यापन किये बिना चालूकरने का विरोध करते है। तथा
आप सभी का सहयोग हम चाहते है
Saturday, January 9, 2010
Posted by
shivraj singh
at
3:07 AM
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